शुभमन गिल के लिए आखिरी मौका, T20 में औसत और स्ट्राइक रेट से टीम इंडिया की उम्मीदें जुड़ीं

भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान शुभमन गिल की नज़रें अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के आखिरी दो मैचों पर टिकी हैं। टीम इंडिया के एशिया कप 2025 के लिए घोषित होने पर गिल का नाम चौंकाने वाला था क्योंकि तब से उन्होंने कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया है जो उनकी चयन को सही ठहरा सके। अब इस सीरीज के बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन सभी की निगाहों के सामने होगा।
औसत में पीछे शुभमन गिल
2023 की शुरुआत से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों की तुलना करें तो शुभमन गिल का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा है। गिल ने 30 पारियों में 747 रन बनाए हैं जिनका औसत 28.73 है। इनमें तीन अर्धशतकीय और एक शतकीय पारी शामिल है। उनका स्ट्राइक रेट 141.20 है जो ठीक-ठाक माना जा सकता है लेकिन औसत की दृष्टि से वे यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन से पीछे हैं।

जायसवाल और सैमसन ने छोड़ा पीछे
यशस्वी जायसवाल ने 22 पारियों में 723 रन बनाए हैं, उनका औसत 36.15 है और इसमें पांच अर्धशतकीय तथा एक शतकीय पारी शामिल है। संजू सैमसन ने 13 पारियों में 417 रन बनाए हैं और उनका औसत 34.75 है। संजू के नाम तीन शतकीय पारियां भी हैं जो उनके प्रभाव को दर्शाता है। इन आंकड़ों से साफ है कि शुभमन गिल को अपने प्रदर्शन में सुधार की बहुत जरूरत है।
रुतुराज गायकवाड़ ने भी बढ़ाई चुनौती
इस सूची में रुतुराज गायकवाड़ का नाम भी है जिन्होंने 2023 से अब तक नौ पारियों में 365 रन बनाए हैं। उनका औसत 60.83 है जो बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने भी दो शतकीय और एक अर्धशतकीय पारी खेली है। ऐसे में गिल पर अपनी जगह बचाने का दबाव और बढ़ गया है क्योंकि टी20 विश्व कप से पहले टीम में मजबूती दिखाना जरूरी है।
समय कम, दबाव ज्यादा
टीम इंडिया के पास आगामी टी20 विश्व कप से पहले केवल दो टी20 सीरीज और बाकी हैं। इसका मतलब है कि शुभमन गिल के पास अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है अपनी जगह पक्की करने के लिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज के आखिरी दो मैच उनके करियर के लिए अहम साबित हो सकते हैं। देश के क्रिकेट प्रेमी और टीम प्रबंधन दोनों की निगाहें शुभमन के प्रदर्शन पर टिकी हैं।